4 और 5 फरवरी को संयुक्त अरब अमीरात की मेजबानी में एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय शांति वार्ता आयोजित की गई थी। इस बैठक में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया. इस वार्ता ने युद्ध ख़त्म करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है.
314 युद्धबंदियों की रिहाई
अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने इस बैठक की सफलता की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दी. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार, रूस और यूक्रेन अपनी-अपनी हिरासत में मौजूद 157-157 युद्धबंदियों (कुल 314) को रिहा करेंगे। पिछले पांच महीनों में यह सबसे बड़ा आदान-प्रदान है, जिसे शांति प्रक्रिया की आधारशिला के रूप में देखा जा रहा है।
सैन्य स्तर पर बातचीत की बहाली
इस बैठक की एक और बड़ी सफलता यह है कि अमेरिका और रूस सैन्य स्तर पर बातचीत फिर से शुरू करने पर सहमत हुए हैं। युद्ध शुरू होने के बाद ये चैनल बंद कर दिया गया. अमेरिकी यूरोपीय कमान के कमांडर जनरल एलेक्स ग्रिंकेविच अब बातचीत का नेतृत्व करेंगे, जिससे भविष्य में सैन्य टकराव को कम करने में मदद मिलेगी।
भविष्य की रणनीति
बैठक के दौरान न सिर्फ कैदियों की रिहाई, बल्कि स्थायी युद्धविराम कैसे लागू किया जाए और सैन्य गतिविधियों पर कैसे नजर रखी जाए, इस पर भी गहन चर्चा हुई. तीनों देशों के प्रतिनिधियों ने आने वाले हफ्तों में भी ये बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है. इन प्रयासों में मेजबान यूएई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सक्रिय भूमिका की सराहना की गई.